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अनैक्सीमिनिज ( Anaximenes ) के दर्शन पर आधारित वस्तुनिष्ठ प्रश

  अनैक्सीमिनिज ( Anaximenes ) के दर्शन पर आधारित वस्तुनिष्ठ प्रश  1- अनाक्जमेनीज ने सृष्टि के मूल कारण के रूप में स्वीकार किया है ? अग्नि  वायु   जल  मिट्टी  2- सृष्टि की उत्पत्ति के सम्बन्ध में अनाक्जमेनीज की दार्शनिक मान्यता है ? प्रकृतिवादी एवं एकतत्त्ववादी  आत्मवादी एवं एकतत्त्ववादी  प्रकृतिवादी एवं बहुतत्त्ववादी  आत्मवादी एवं बहुतत्त्ववादी  3- अनाक्जमेनीज की दार्शनिक मान्यताओं से किस सिद्धान्त के दर्शन होते है ? भूतजीवविज्ञान  आत्मजीवविज्ञान  परमात्मावाद  ईश्वरवाद  4- अनाक्जमेनीज के अनुसार वायु तत्व की प्रमुख प्रक्रियायें है ? स्थिर और परिमित  गतिशील और अपरिमित  स्थिर और अपरिमित  गतिशील और परिमित  5- अनाक्जमेनीज के अनुसार वायु तत्व की प्रमुख प्रक्रियायें हैं ? घनीकरण  विरलीकरण  1 और 2 दोनों  इनमें से कोई नहीं  6- अनाक्जमेनीज के दर्शन में वह प्रक्रिया जिसके द्वारा वायु तत्व सूक्ष्म रूप में परिवर्तित होकर अन्त में अग्नि का रूप धारण कर लेता है ?   विरलीकरण  घनीकरण 1 ...

अनैक्सीमिनिज ( Anaximenes ) का दर्शन

  अनैक्सीमिनिज ( Anaximenes ) का दर्शन  अनैक्सीमिनिज ( Anaximenes ) का दर्शन          अनैक्सीमिनिज के अनुसार, " जगत् और स्वर्ग का मूल तत्व वायु , वाष्प या कुहासा है । वायु मनुष्य के लिए जीवनदायी तत्व है । वायु की विलुप्ति से मनुष्य सांस लेना बंद कर देगा और उसका अंत हो जाएगा । जिस प्रकार हमारी आत्मा , वायु होने के कारण , हमें एकसाथ रखती है , उसी प्रकार सांस और वायु पूरे विश्व में व्याप्त है । " अतः वायु जगत् का मूल तत्व है, जिससे अन्य सभी वस्तुओं की उत्पत्ति हुई है । उन्होंने थेलस के सिद्धान्त पर वापस लौटते हुए कहा कि ब्रहमांड का परम सिद्धान्त कोई एक वस्तु है । उन्होंने देखा कि जल वायु का संघिनित रूप होता है । इसलिए उनके अनुसार वायु से पृथ्वी, जल और अग्नि की उत्पत्ति हुई । संभवतः उनका विचार था कि तथापि पृथ्वी, वायु और अग्नि सभी जीवन की रचना के लिए आवश्यक है लेकिन सभी वस्तुओं का स्रोत वायु या वाष्प है ।           वायु विरलीकरण के द्वारा अग्नि भी बन सकती है । वायु वह वस्तु है जो सभी चीजों को गति के लिए अनुप्राणित करती है । य...

अनैक्सीमिनिज ( Anaximenes ) का जीवन परिचय एवं उपलब्धियां

अनैक्सीमिनिज ( Anaximenes ) का जीवन परिचय एवं उपलब्धियां  अनैक्सीमिनिज ( Anaximenes ) का जीवन परिचय एवं उपलब्धियां    अनैक्सीमिनिज ( Anaximenes )   दार्शनिक जीवन -   585 ई० पू० से  525 ई० पू०   प्रमुख दार्शनिक विचार - ब्रहमांड एक पवित्र वृत्त है , जिसके केन्द्र में दिव्य शाश्वत अग्नि या न्यूमा ( Pneuma ) स्पन्दन कर रहा है और सभी चीजों को ब्रहमाडीय श्वांस से अनुप्राणित कर रही है ।   प्रमुख उपाधि - भूतजीवविज्ञान ( Hylozoison ) आधारित दर्शन    प्रमुख कथन - वायु जगत् का मूल तत्व है , जिससे अन्य सभी वस्तुओं की उत्पत्ति हुई है । air is the source of all things.                     अनैक्सीमिनिज ( 6 वीं शताब्दी ई.पू. ) मिलेसियन परम्परा के तीसरे दार्शनिक अनैक्सीमिनिज थे । वे अनैक्सीमेन्डर के शिष्य थे । अनैक्सीमिनिज ने वापस थेलस की चिंतन की पद्धति को अपनाया । उन्होंने कहा कि जगत् और स्वर्ग का मूल तत्व वायु, वाष्प ...