गोर्जियास ( Gorgias ) का जीवन परिचय एवं उपलब्धियां गोर्जियास ( Gorgias ) का जीवन परिचय एवं उपलब्धियां दार्शनिक जीवन - 483 ई० पू० से 375 ई० पू० प्रमुख दार्शनिक विचार - "सत्य सापेक्ष ही है, निरपेक्ष सत्य असम्भव है" प्रमुख उपाधि - भयंकर बालक ( Infant Terrible ) प्रमुख कथन - प्रथम तो कोई सत्य नहीं है, द्वितीय यदि हो भी तो उसे हम नहीं जान सकते, तृतीय यदि जान भी ले तो उसे दूसरे को नहीं समझा सकते । गोर्जियास जन्म से सिसिलीवासी थे । वे 427 ई. पू. में एथेन्स में अपने निवासी राष्ट्र के राजदूत के रूप में आए थे । वे सर्वव्यापी यूनानी संस्कृति के पुरोधा थे । गोर्जियास को भयंकर बालक ( Infant Terrible ) की उपाधि मिली । उनके अनुसार सत्य सापेक्ष ही है, निरपेक्ष सत्य असम्भव है । उनका मत है कि प्रथम तो कोई सत्य नहीं है, द्वितीय यदि हो भी तो उसे हम नहीं जान सकते, तृतीय यदि जान भी ले तो उसे दूसरे को नहीं समझा सकते । -------------