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डेमोक्रीटस ( Democritus ) के दर्शन पर आधारित वस्तुनिष्ठ प्रश्न

  डेमोक्रीटस ( Democritus ) के दर्शन पर आधारित वस्तुनिष्ठ प्रश्न  डेमोक्रीटस ( Democritus ) के दर्शन पर आधारित वस्तुनिष्ठ प्रश्न  1- डेमोक्रीटस के अनुसार परमाणुओं में पाया जाता है ?  केवल मात्रात्मक भेद   मात्रात्मक एवं गुणात्मक भेद  केवल गुणात्मक भेद  इनमें से कोई नहीं  2- किस दार्शनिक ने विश्व की व्याख्या परमाणुओं के आधार पर स्वीकार की है ? प्रोटोगोरस  डेमोक्रीटस हेराक्लिटस  पाइथागोरस  3- डेमोक्रीटस के अनुसार आत्मा की उत्पत्ति होती है ? परमाणुओं के संयोग से  पंचमहाभूतों के संयोग से  चेतना के तत्त्वों के संघात से  इनमें से कोई नहीं  4- डेमोक्रीटस के अनुसार आत्मा को ज्ञान की प्राप्ति होती है ? बुद्धि के द्वारा  प्रत्यक्ष के द्वारा  1 और 2 दोनों के द्वारा  इनमें से कोई नहीं  5- डेमोक्रीटस के अनुसार सर्वोच्च ज्ञान के रूप में स्वीकार किया जाता है ? प्रत्यक्ष के द्वारा प्राप्त ज्ञान  बुद्धि के द्वारा प्राप्त ज्ञान  अंतर्भान के द्वारा प्राप्त ज्ञान  इनमें से कोई न...

डेमोक्रीटस ( Democritus ) का दर्शन

डेमोक्रीटस ( Democritus ) का दर्शन  डेमोक्रीटस ( Democritus ) का दर्शन  परमाणु सिद्धान्त          परमाणुवादियों के लिए सबसे महत्वपूर्ण समस्या यह थी कि प्रकृति के भौतिक तत्वों, जिनसे प्रकृति की रचना हुई है, को अनिश्चित रूप से अपेक्षाकृत छोटे कणों में नहीं बांटा जा सकता है । यदि ऐसा संभव हो जाए तो प्रकृति के स्थायी गुणों को खतरा उत्पन्न हो जाएगा । तब प्रकृति में कोई स्थायित्व भी नहीं होगा । वे पार्मेनाइड्स की इस बात से सहमत थे कि "भाव से अभाव की उत्पत्ति नहीं होती” । अतः प्रकृति का भौतिक कण शाश्वत् एवं सत्य होना चाहिए । तब ही उसमें से प्रकृति की उत्पत्ति हो सकती है । ये शाश्वत् कण जो परमाणु है, दृढ़ और ठोस होते हैं, लेकिन ये एकसमान नहीं होते हैं । अन्यथा, प्रकृति की अनेकता और एकता असंभव हो जायेगी । जबकि हम पर्वतों, सागरों, आकाश, अमीबा, पक्षियों, मछली, फूलों, जंतु और मनुष्यों आदि विभिन्न जीवों एवं वस्तुओं को स्पष्ट रूप से देखते हैं । उन्होंने इसकी पुष्टि की कि ब्रहमांड विभिन्न प्रकार के असत्य असीमित परमाणुओं से निर्मित है । इनमें से कुछ गोल और चिकने, कुछ ...

डेमोक्रीटस ( Democritus ) का जीवन परिचय एवं उपलब्धियां

  डेमोक्रीटस ( Democritus ) का जीवन परिचय एवं उपलब्धियां  डेमोक्रीटस ( Democritus ) का जीवन परिचय एवं उपलब्धियां  दार्शनिक जीवन -  460 ई.पू. से  370 ई.पू. तक  प्रमुख दार्शनिक विचार -  ब्रहमांड की रचना एक प्रकार के छोटे अदृश्य कणों ( परमाणु ) से हुई है । प्रमुख उपाधि -  परमाणुवादी मत के संस्थापक हैं । प्रमुख कथन -  परमाणुओं में स्वतः गति होती है । ये यांत्रिक नियमों के कारण गतिशील है ।            डेमोक्रीटस परमाणुवादी मत के संस्थापक हैं । एबडेरा के डेमोक्रीटस का जन्म 460 ई.पू. के आस पास थ्रेस के तट पर स्थित एबडेरा के व्यावसायिक शहर में हुआ था और 370 ई.पू. में उनकी मृत्यु हुई । उन्होंने बताया कि ब्रहमांड की रचना एक प्रकार के छोटे अदृश्य कणों से हुई है । शाश्वतता और अपरिवर्तनीयता इन कणों की विशेषताएं हैं । उन्होंने इन छोटी इकाईयों को 'परमाणु' अर्थात अविभाज्य कण नाम दिया ।          डिमॉक्रिटस के परमाणु मौलिक, अविभाज्य, अतीन्द्रिय, नित्...