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| अनैक्सीमिनिज ( Anaximenes ) का जीवन परिचय एवं उपलब्धियां |
अनैक्सीमिनिज ( Anaximenes ) का जीवन परिचय एवं उपलब्धियां
अनैक्सीमिनिज ( Anaximenes )
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अनैक्सीमिनिज ( 6 वीं शताब्दी ई.पू. ) मिलेसियन परम्परा के तीसरे दार्शनिक अनैक्सीमिनिज थे । वे अनैक्सीमेन्डर के शिष्य थे । अनैक्सीमिनिज ने वापस थेलस की चिंतन की पद्धति को अपनाया । उन्होंने कहा कि जगत् और स्वर्ग का मूल तत्व वायु, वाष्प या कुहासा है ।
अनाक्जमेनीज का सम्बन्ध भी थेल्स की भाँति आयोनियन दर्शन से रहा है । इस प्रकार अनाक्जमेनीज ने भी थेल्स की भाँति सृष्टि की प्रकृतिवादी एवं एकतत्वादी व्याख्या की है । अनाक्जमेनीज की दार्शनिक मान्यताओं में हमे 'भूतजीववाद' ( Hylozoison ) के दर्शन होते हैं । अनाक्जमेनीज के अनुसार, वायु तत्त्व गतिशील और अपरिमित है । यह सभी दिशाओं में समान रूप में व्याप्त रहता है । अनाक्जमेनीज ने वायु तत्त्व की दो परस्पर विरोधी क्रियाओं को स्वीकार किया है । ये दो प्रक्रियाएँ हैं -
- संघननीकरण अथवा घनीकरण ( condensation )
- विरलीकरण ( Resrefaction )
स्पष्ट है कि अनाक्जमेनीज ने वायु को विश्व के मूल रूप में स्वीकार करके अनुभववादिता नियमों की सहायता की है । अतः अनाक्जमेनीज की दार्शनिक मान्यताएँ वैज्ञानिक पद्धति पर आधारित है ।

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