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सुकरात ( Socrates ) के दर्शन पर आधारित वस्तुनिष्ठ प्रश्न

 

सुकरात ( Socrates ) के दर्शन पर आधारित वस्तुनिष्ठ प्रश्न 

सुकरात ( Socrates ) के दर्शन पर आधारित वस्तुनिष्ठ प्रश्न 

1- सुकरात की दार्शनिक पद्धति का स्वरूप है ?

  1. प्रयोजनात्मक 
  2. निगमनात्मक 
  3. संदेहात्मक 
  4. ये सभी 

2- सुकरात ने अपनी दार्शनिक पद्धति के अन्तर्गत सन्देह का प्रयोग किया है ?

  1. केवल साधन के रूप में 
  2. केवल साध्य के रूप में 
  3. साध्य और साधन दोनों के रूप में 
  4. इनमें से कोई नहीं 

3- सुकरात ने अपने दार्शनिक विचारों की अभिव्यक्ति के लिए किस शैली का प्रयोग किया है ?

  1. विवरणात्मक 
  2. संवदात्मक 
  3. आलोचनात्मक 
  4. इनमें से कोई नहीं 

4- सुकरात ने संप्रत्ययों की रचना के लिए स्वीकार किया है ?

  1. वस्तुओं के सर्वगत लक्षणों को 
  2. वस्तुओं के विशिष्ठ लक्षणों को 
  3. 1 और 2 दोनों को 
  4. इनमें से कोई नहीं 

5- सुकरात ने अपनी दार्शनिक पद्धति में प्रयोग किया है ?

  1. निगमन को 
  2. आगमन को 
  3. 1 और 2 दोनों को 
  4. इनमें से कोई नहीं 

6- "ज्ञान सद्गुण है" यह प्रसिद्ध दार्शनिक उक्ति किसके द्वारा कही गई है ?

  1. प्लेटों के द्वारा 
  2. अरस्तू के द्वारा 
  3. हीगल के द्वारा 
  4. सुकरात के द्वारा 

7- सुकरात द्वारा स्वीकार्य नैतिक स्वरूप है ?

  1. सापेक्ष 
  2. निरपेक्ष 
  3. सार्वभौम 
  4. इनमें से कोई नहीं 

8- नीचे दिए गए कथनों को पढ़कर सही कूट का चयन कीजिए - 
कथन ( A ) सुकरात के अनुसार समस्त ज्ञान सम्प्रत्यात्मक होता है । 
कारण ( R ) ज्ञान बौद्धिक संप्रत्ययों से उत्पन्न होता है । 

कूट 

  1. A और R दोनों सही है तथा R,  A की सही व्याख्या है 
  2. A और R दोनों सही है तथा R,  A की सही व्याख्या नहीं है 
  3. A सही है और R गलत है
  4. A गलत है और R सही है 
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