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प्रोटागोरस ( Protagoras ) का जीवन परिचय एवं उपलब्धियां

 

प्रोटागोरस ( Protagoras ) का जीवन परिचय एवं उपलब्धियां 

प्रोटागोरस ( Protagoras ) का जीवन परिचय एवं उपलब्धियां 

दार्शनिक जीवन - 481 ई० पू० से 411 ई० पू० 

प्रमुख दार्शनिक विचार - "मानव सब पदार्थों का मानदण्ड है" 

प्रमुख उपाधि - उपयोगितावाद के जन्मदाता 

प्रमुख कथन - एक व्यक्ति के लिए जो सत्य है यह आवश्यक नहीं कि वह दूसरे के लिए भी सत्य हो अतः सत्य व्यक्तिनिष्ठ होता है । 

    प्रोटागोरस का जन्म लगभग 481 ई. पू. में थ्रेस के एन्डेरा में हुआ था । ऐसा माना जाता है कि वे शताब्दी के मध्य में किसी समय एथेन्स आए थे । पेरीकल्स ने उन्हें 444 ई. पू. में स्थापित किये गए थूरियो के उपनिवेश के संविधान को बनाने का काम सौंपा । वह 431 में और 430 के प्लेग के दौरान एथेन्स वापस चले आए । प्लेग के कारण पेरीकल्स के दो पुत्रों की मृत्यू हो गयी । ऐसा कहा जाता है कि प्रोटागोरस पर ईश्वर पर लिखी उनकी अपनी पुस्तक के कारण ईशनिन्दा का आरोप लगाया गया, परन्तु वे मुकदमें से पहले ही देश छोड़ कर भाग गए तथा सिसली को जाते समय डूब कर मर गए । 

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