अरस्तू ( Aristotle ) का दर्शन अरस्तू ( Aristotle ) का दर्शन तर्क शास्त्र अरस्तू तर्क शास्त्र के क्षेत्र के वास्तविक अन्वेषक थे । आज भी उनके तर्क शास्त्र का अनुसरण किया जाता है । अरस्तू के अनुसार तर्क शास्त्र सही चिंतन की कला है और इसलिए इससे सत्य की प्राप्ति होती है । तर्कशास्त्र की अन्य विषयों की भांति कोई विशेष विषयवस्तु नहीं होती है, लेकिन यह अन्य विषयों के लिए एक साधन तथा यंत्र की भांति कार्य करता है । व्यवस्थापन अरस्तू ने तर्कशास्त्र के व्यवस्थापन पर काफी काम किया । वे इस तथ्य पर ध्यान देने वाले पहले व्यक्ति थे कि मस्तिष्क की एक निश्चित मूल संरचना और विधि होती है और उन्होंने वह ( मस्तिष्क ) क्या है और कैसे कार्य करता है, इसे बताने का प्रयास किया । उनके अनुसार मस्तिष्क के कार्य करने के तीन मूल घटक होते हैं अवधारणा, निर्णय और तर्क । अरस्तू के अनुसार अवधारणा वह है, जिसमें आधार वाक्य यानि निर्धारक और वह जिसका यह निर्धारण करता है दोनों का संकल्प होता है । उन्होंन...