प्लेटो ( Plato ) का दर्शन प्लेटो ( Plato ) का दर्शन ज्ञान का सिद्धांत सर्वप्रथम, प्लेटो नकारात्मक रूप से तर्क करते हुए कहते हैं कि कुत्ते के लिए भी ज्ञान महज संवेदन नहीं हो सकता है । उनका मानना था कि जिसमें संवेदन होगा, उसमें ज्ञान भी होगा । उनके ज्ञान के सकारात्मक सिद्धांत को प्रसिद्ध दृष्टांत "एलीगरी ऑफ द केव" द रिपब्लिक बुक में दिया गया है । गुफा का दृष्टांत ( The Allegory of the Cave ) प्लेटो अपनी प्रस्तुति ऐसे वृतान्त से शुरू करते हैं, जिसमें जिसे लोग वास्तविक समझते है, वह वास्तव में भ्रम होता है । उन्होंने ग्लॉकोन से कहा कि वह एक ऐसी गुफा की कल्पना करें जिसमें वे कैदी हो जिन्हें बचपन से ही बेड़ियों में जकड़कर स्थिर रखा गया हो । न सिर्फ उनके हाथों और पैरों को बांध कर रखा गया हो, बल्कि उनके सिर भी स्थिर हो और वे अपने सामने की दीवार को टकटकी बांधकर देखने के लिए विवश हो । कैदियों के पीछे आग हो और कैदियों और आग के बीच में एक ऊँचा गलियारा जिसमें अनेक जानवरों, पौधों और अन्य वस्तुओं के पुतले गतिशील हो । पुतलों...
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